Author: राजेन्द्र लाहिरी

कविता

मुस्कुराहट

आपके तथाकथित भगवान कोआपने सिर्फ फोटो में दिखाया मुस्कुराते,मगर हमने देखा है अपने महापुरुषों कोमुस्कुराते,हाथ ऊपर उठा लहराते,जिन्होंने सारी उम्र

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कविता

जातीय गर्व की ऐंठन

जोश से लबरेज,सुसंस्कृत,सुगठित बदन वाले विद्वान,बराबरी के ढोल पीटते पैरोकारों,सामाजिक अदाकारों,मक्कारों,सिर्फ कुछ ही वर्षों में हीहोने लग गई तकलीफ किकिसी

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