चल जीते हैं
जिंदगी में पल पल हम तोअपमान का घूंट पीते हैं,मिट्टी में डाल सब कुछ यारासब कुछ भुला कर जीते हैं,जीना
Read Moreजिंदगी में पल पल हम तोअपमान का घूंट पीते हैं,मिट्टी में डाल सब कुछ यारासब कुछ भुला कर जीते हैं,जीना
Read Moreहमारे न किए गए गुनाहों कीसजा मुक़र्रर है साहब,हमारी पैदाइश गलत नहीं हो सकताआपके नियम गड़बड़ है साहब,पैदा होते ही
Read Moreलौटकर पक तो नहीं रही बोई फसल,उज्जड़ तो नहीं हो रही आज की नसल,हमें देखना होगा हम क्या बो रहे
Read Moreकभी कभी तैरने की चाहहमें कहीं का नहीं छोड़ता,हमारे सोचने से पहले हीवो हमारी हौसला है तोड़ता,समुद्र में तैरने कीहजारों
Read Moreआप कितनों भी उतार लेंअपने अंदर बसी हुई खीझ,गुंजा है और सदागूंजता रहेगा सत्य की चीख,सत्य रुक सकता नहीं,कभी भी
Read Moreराष्ट्रगान और राष्ट्रगीत कोजब भी होता है गाना,नहीं भटकना अपने लय सेसुर में सुर मिलाना,पर अलग होता है हर सुर,पक्षियों
Read Moreकहीं उन चंद गुलामों में आप भी तो नहीं,जिसे कहा जाता है सामाजिक दलाल,काम है जिसका करनासामाजिक लोगों को हलाल,अब
Read Moreजोश से लबरेज,सुसंस्कृत,सुगठित बदन वाले विद्वान,बराबरी के ढोल पीटते पैरोकारों,सामाजिक अदाकारों,मक्कारों,सिर्फ कुछ ही वर्षों में हीहोने लग गई तकलीफ किकिसी
Read Moreडुबाया है हर बार मुझेअथाह गहराई मेंतथाकथित मेरे सारे अपनों ने,जब जब तैर कर पार करना चाहादरिया को मेरे सपनों
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