चित्र अभिव्यक्ति
@जीव ही जीव के चक्कर में@ •••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक जीव ही जीव के चक्कर में पड़ा हुआ है। पानी के बीच
Read More@जीव ही जीव के चक्कर में@ •••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक जीव ही जीव के चक्कर में पड़ा हुआ है। पानी के बीच
Read Moreउम्मीद लगाये बैठे हैं, आकर निगाहों में बस जा। समा जलाये बैठे हैं,आकर दिलों में जगह बना जा। अपने प्रकाशपुंज
Read Moreवो रात दूसरी थी ये दिन दूसरा है वो बात दूसरी थी ये राज दूसरा है सतर्क रहने की कोशिश
Read Moreकश्ती भी नहीं बदली, बदला नहीं दरिया। जज्बा भी नहीं बदला, हम डुबते रहे यहाँ। बने रहे मुसाफिर, हम सदा
Read Moreवक्त- बे- वक्त क्यों याद आते गये। रुह- में- रुह क्यों वो मिलाते गये। थी अनजान सी वो लम्बी डगर
Read Moreनये साल में नयी उमंगें लायेंगे। जीवन में अद्भूत तरंगें लायेंगे। नव उत्थान लिए नव कुसुम बनकर, हर्षोल्लास सब के
Read More