“मन”
मन है बहुत चंचल, करता हृदय हलचल। कहता वहाँ तक चल, जहां समस्या का हल। कोशिश में रहता हरपल, तैयार
Read Moreजब तुम जा रही थीं, मुझसे दूर। अपलक देख रही थी, मुझे दूर से। मेरी आँखें देख रही थी, तुझे
Read Moreकविता तुम्हारे सुने दिलों में संगीत भरती है। स्त्री भी तुम्हारे उबे हुए दिलो को बहलाती है। पुरुष जब सूखी
Read More०१ मुस्कान तेरी, जीवन की नइया, है खेवइया। ०२ खिलखिलाना, तेरा मृदुल वाणी, मुस्कान मेरा। ०३ सदाबहार, बने रहे मुस्कान,
Read Moreसौन्दर्य ही कर्तव्य दीख पड़ता है, जहां सौन्दर्य दीख पड़ता है। वहाँ कविता दीख पड़ती है , वही जीवन दीख
Read Moreएक बार की बात है कि मैं बहुत अच्छे तरीके से अपनी पढ़ाई कर रहा था जब अपनी पढ़ाई को
Read Moreसुबह सुबह सूर्य की किरणें , अम्बर पट को धारण किए, क्षितिज को बलगाते हुए , आ रही है, ऐसा
Read Moreमन कि चन्चलता, देखने को कहता, तुम्हें ढुढ रही हूँ, जानते हों क्यों? आज प्रेम दिवस है। हृदय व्याकुलता, आने
Read Moreआज प्यार के ही बारे में जानने की जरूरत है प्यार आखिर होता क्या है? कहते हैं कि प्यार बहुत
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