मिट रहा गांवों का नामोनिशान
भले ही बसते हैं बहुत कम लोग उसमेंपर पेड़ों से भरा बहुत सुंदर है मेरा गांवजब मैं पढ़ता था अपने
Read Moreभले ही बसते हैं बहुत कम लोग उसमेंपर पेड़ों से भरा बहुत सुंदर है मेरा गांवजब मैं पढ़ता था अपने
Read Moreहाँ जी मैं हिमाचल हूँहमेशा रहता था ठंडा और शांतकुछ लोग कर रहे मेरे सीने में छेदकर दिया मुझको बहुत
Read Moreभारत की भाषा हिंदी हैहिंदी का तुम मान करोक्यों पड़े हो अंग्रेज़ी के पीछेतुम हिंदी का गुणगान करो जिस देश
Read Moreअपने गांव की माटी से जो जुड़ा है रहतादिल में उसके प्यार का दरिया है बहतादूर रह कर भी आती
Read Moreसमय का चक्र चला यह कैसाहर तरफ फैला है उसका जालमोबाइल हो गया बहुत स्मार्टऔर आदमी का दिमाग कंगाल समय
Read Moreइंसान ने जब से तरक्की की राह है पकड़ीनाले तो दूर की बात नदी की राह भी जकड़ीअपने जाल में
Read Moreउम्र के उस पड़ाव पर छूट गया अपनों का साथजब जरूरत थी बढ़ापे में दोगे सहारा थाम लोगे हाथक्या कसूर
Read Moreकितना रोये होंगे वह सेव से लदे पेड़जब चली होगी विभाग की उनपर कुल्हाड़ीक्या कसूर था उनका यदि सरकारी जमीन
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