लघुकथा : अखबार की पीढ़ी
हवाई जहाज़ अपनी ऊँचाई पर स्थिर था। यात्रियों की दुनिया मोबाइल स्क्रीन में सिमटी हुई थी। कोई वीडियो देख रहा
Read Moreहवाई जहाज़ अपनी ऊँचाई पर स्थिर था। यात्रियों की दुनिया मोबाइल स्क्रीन में सिमटी हुई थी। कोई वीडियो देख रहा
Read Moreमैं तिरंगा हूँ…!! कल रास्ते में मुझे कोई मिला, वह कल 16 अगस्त – 27 जनवरी कुछ भी हो सकता है। नहाया हुआ था
Read Moreनाद पंचजन्य की रणभेरी आज फिर आई है, कुरुक्षेत्र के रण से युद्ध पताका लहराई है.. सम्मुख फिर वही आज
Read Moreबॉलीवुड : एक अभिशाप फ़िल्में मेरी पहली पसंद हुआ करती थी. यक़ीनन आपकी भी रही होंगी. एक समय था जब मैं भी
Read Moreकमजोर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने की जरुरत यदि हम प्रेमचंद की कहानी उठाकर देखें तो हमें यह ज्ञात होता
Read Moreये किस दौर में हम जीने लगे हैं… आइये खुलकर जीयें और इस जीवन को मिसाल बना दें…!! जब हम
Read More