महंगाई काबू में है, बस आम आदमी का बजट बेकाबू है
रसोई का दरवाजा खुलते ही आज सबसे पहले बजट नजर आता है। चीनी महँगी है, तेल जेब का हिसाब बिगाड़
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Read Moreकिसी बच्चे के लापता होने की खबर को हम अक्सर एक छोटे-से पुलिस केस की तरह पढ़ते हैं—नाम, उम्र, पता
Read Moreकिसी शहर की पहचान चौड़ी सड़कों और तेज वाहनों से नहीं, आम आदमी के आसान पैदल चलने से होती है।
Read Moreकिसी समाज की असली परीक्षा तब होती है, जब प्रेम, आस्था और कानून आमने-सामने हों। महाराष्ट्र में धर्म स्वतंत्रता अधिनियम,
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Read Moreरात अब घड़ी में आती है, शहर में नहीं। घड़ी बारह बजने का ऐलान करती है, लेकिन शहर का दिन
Read Moreआँकड़ों की नई सुबह तब होती है, जब राष्ट्र अपनी जनता को गिनना छोड़कर उसे पढ़ना शुरू करता है। भारत
Read Moreकमाल की आज़ादी है हमारी! अंग्रेज़ों को भगाने के बाद हमने गुलामी के इतने नए दरवाज़े खोल लिए कि अब
Read Moreकूड़े का कोई टुकड़ा सिर्फ कूड़ा नहीं, खासकर जब वह अस्पताल से निकला हो। उसे जमीन में दबाने से खतरा
Read Moreमक्का में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान का रक्षा समझौता पश्चिम एशिया के बदलते सुरक्षा-समीकरण का संकेत है। 7 अगस्त
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