Author: प्रो. आरके जैन 'अरिजीत'

राजनीति

यात्री कतारों में खड़े रहे, सुरक्षा के रखवाले सौदों में खड़े मिले

सुरक्षा का तमाशा अजीब है—कटघरे में यात्री खड़ा होता है, चूक भीतर होती है। वह चुपचाप बैग खोलता है, जूते-बेल्ट

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सामाजिक

एक ऐसी दुनिया जहाँ सब उपलब्ध हैं, पर कोई उपस्थित नहीं

सभ्यता का सबसे गहरा घाव किसी युद्ध, महामारी या आर्थिक संकट ने नहीं, उस चमकती स्क्रीन ने दिया है जिसे

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सामाजिक

मैं अब नहीं लड़ता… क्योंकि मैंने खुद को खोकर जीतना छोड़ दिया है

जब जीवन बहुत कुछ सिखा देता है, तब इंसान हर आवाज़ का जवाब देना और हर लड़ाई लड़ना छोड़ देता

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राजनीति

अरुण यादव की सादगी में छिपी है मध्य प्रदेश कांग्रेस की नई सुबह

राजनीतिक विरासत उपाधियों या पारिवारिक पहचान से नहीं, जनविश्वास, वैचारिक दृढ़ता और जनसंघर्ष से निर्मित होती है। कुछ व्यक्तित्व इतिहास

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राजनीति

एक कैंटीन से उठा सवाल: व्यवस्था का सच आखिर कहाँ है?

लोकतंत्र की सबसे बड़ी विडंबना गलती होना नहीं, बल्कि उसे उपलब्धि के प्रमाणपत्र से ढक देना है। जब सच कागजी

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राजनीति

सुविधाएँ बढ़ीं, बजट बढ़ा, फिर भी व्यवस्था वहीं क्यों?

शिकायतों की सूची लंबी है—अस्पताल में दवा नहीं, स्कूल में शिक्षक नहीं, सड़क पर रोशनी नहीं, कार्यालय में कर्मचारी नहीं।

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सामाजिक

आस्था की भव्यता अब प्रकृति को बोझ बनाती जा रही है

उत्सव कभी केवल मनुष्य के आयोजन नहीं थे; वे प्रकृति के साथ हमारी मौन आत्मीयता के प्रतीक थे। हमारी सांस्कृतिक

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