Author: प्रो. आरके जैन 'अरिजीत'

राजनीति

2047 तक भारत अमीर बनेगा या सिर्फ अमीरों का भारत?

2047 में जब भारत अपनी आज़ादी का शताब्दी वर्ष मनाएगा, तब दुनिया केवल हमारी अर्थव्यवस्था का आकार नहीं, बल्कि यह

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धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

स्तूप ने साबित कर दिया : असली शक्ति शस्त्रों में नहीं, संस्कृति में है

इतिहास की सबसे बड़ी शक्ति यह नहीं कि वह अतीत में दर्ज है, बल्कि यह कि वह हर युग में

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पर्यावरण

जल संरक्षण अब सिर्फ परियोजना नहीं, राष्ट्रीय संस्कार बनना चाहिए

भारत का जल संकट नदियों में घटते प्रवाह से अधिक, हमारी नीतियों में घटती दूरदृष्टि का संकट है। विडंबना यह

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राजनीति

तिरस्कार से तख्त तक: ‘कीड़ों’ ने सत्ता नहीं, सोच को चुनौती दी

हर युग अपने प्रतीक स्वयं गढ़ता है। कभी कोई शब्द अपमान का पर्याय होता है और कभी वही शब्द परिवर्तन

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शिक्षा एवं व्यवसाय

डिजिटल दौर की पत्रकारिता: सुविधा बढ़ी, विश्वसनीयता की कसौटी भी

खबरों का सफर अब समाचार कक्षों से नहीं, हथेली पर जगमगाती स्क्रीन से तय हो रहा है। उँगली के एक

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सामाजिक

एक देह का विदा होना, कई घरों में सूर्योदय बन सकता है

जीवन का सबसे कठिन संघर्ष अक्सर अस्पताल की चारदीवारी के भीतर लिखा जाता है, जहाँ हर साँस उम्मीद और समय

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शिक्षा एवं व्यवसाय

हुकुमचंद नारद : जब एक जीवन, पत्रकारिता का संविधान बन गया

किसी राष्ट्र का इतिहास केवल राजसत्ताओं, आंदोलनों और युद्धों से नहीं बनता; उसे दिशा वे व्यक्तित्व देते हैं, जो अपने

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पर्यावरण

कोयंबटूर मॉडल : जंगल, इंसान और भविष्य के बीच संतुलन की तलाश

जब जंगल अपनी खामोशी खोने लगें, तो समझना चाहिए कि प्रकृति और विकास का संतुलन बिगड़ चुका है। भारत आज

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धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

बदलते हिमालय के बीच बदलनी होगी तीर्थयात्रा की संस्कृति

अमरनाथ यात्रा का भारी वर्षा और लगातार भूस्खलन के कारण थम जाना महज़ प्रशासनिक विवशता नहीं, बल्कि हिमालय का वह

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