2047 तक भारत अमीर बनेगा या सिर्फ अमीरों का भारत?
2047 में जब भारत अपनी आज़ादी का शताब्दी वर्ष मनाएगा, तब दुनिया केवल हमारी अर्थव्यवस्था का आकार नहीं, बल्कि यह
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Read Moreइतिहास की सबसे बड़ी शक्ति यह नहीं कि वह अतीत में दर्ज है, बल्कि यह कि वह हर युग में
Read Moreभारत का जल संकट नदियों में घटते प्रवाह से अधिक, हमारी नीतियों में घटती दूरदृष्टि का संकट है। विडंबना यह
Read Moreहर युग अपने प्रतीक स्वयं गढ़ता है। कभी कोई शब्द अपमान का पर्याय होता है और कभी वही शब्द परिवर्तन
Read Moreखबरों का सफर अब समाचार कक्षों से नहीं, हथेली पर जगमगाती स्क्रीन से तय हो रहा है। उँगली के एक
Read Moreजीवन का सबसे कठिन संघर्ष अक्सर अस्पताल की चारदीवारी के भीतर लिखा जाता है, जहाँ हर साँस उम्मीद और समय
Read Moreकिसी राष्ट्र का इतिहास केवल राजसत्ताओं, आंदोलनों और युद्धों से नहीं बनता; उसे दिशा वे व्यक्तित्व देते हैं, जो अपने
Read Moreजब जंगल अपनी खामोशी खोने लगें, तो समझना चाहिए कि प्रकृति और विकास का संतुलन बिगड़ चुका है। भारत आज
Read Moreदिन का कोलाहल सत्य को दबा सकता है, पर रात का सन्नाटा उसे जगा देता है। जब सारी आवाज़ें थम
Read Moreअमरनाथ यात्रा का भारी वर्षा और लगातार भूस्खलन के कारण थम जाना महज़ प्रशासनिक विवशता नहीं, बल्कि हिमालय का वह
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