कविता
उसकी आँखों मे कुछ ऐसी मदहोशी थी, हमने मयकदे जाना ही छोड़ दिया, जाम आँखों से पिलाती रही वो, हमने
Read Moreहजारो मन में ख्वाइश और अरमान दबा लेती है, हल्की -हल्की झुर्रियों को मेकअप से छुपा लेती है, लोग क्या
Read Moreइजहारे मौहब्बत की कोई उम्र नही होती लोग तो बुढ़ापे में भी इश्क फरमाते है । मुँह में दाँत नही
Read Moreशब्द गीतों को समर्पित प्राण जीवन को समर्पित और क्या अर्पण करु तुम्हें मै मेरा सब कुछ तुमको समर्पित ।
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