कह रहे हैं लोग सब ऐसा हुआ वैसा हुआ
कह रहे हैं लोग सब ऐसा हुआ वैसा हुआ असलियत लेकिन ख़ुदा ही जानता क्या हुआ काम सौ अच्छे किये
Read Moreकह रहे हैं लोग सब ऐसा हुआ वैसा हुआ असलियत लेकिन ख़ुदा ही जानता क्या हुआ काम सौ अच्छे किये
Read Moreदर्द की ग़म की खुशी की बात कर कर मगर तू ज़िन्दगी की बात कर छोड़ भी बातें सियासतदान की
Read Moreमिले हर दर्द की अब तो दवाई चाहिये मुझको तुम्हारी कैद से सचमुच रिहाई चाहिये मुझको कुबूलो सब गुनाहो को
Read Moreमुरझाएं आनन सुमन बने अबके वसंत ऐसे आना। हर आँगन में उल्लास मने अबके वसंत ऐसे आना।। सब ठूठ हुई
Read Moreखिला खिला ये रूप का गुलाब क्या कहना निगाह से छलक रही शराब क्या कहना दयार में कयी हसीन और
Read Moreकहीं भूख से बेदम बचपन कहीं जश्न में छलके प्याले। पत्थर होते इंसानों को इंसा करदे ऊपर वाले।। चकाचौंध वालों
Read Moreराजपथों ने दिया भरोसा तोड़ दिया है पगडंडी लाचार करे भी तो आखिर क्या ऊजड़ होते गाँव सूखते खलिहानो में
Read Moreचेतना दीजिये सादगी दीजिये, भावना दीजिये बंदगी दीजिये इस हृदय से तमस को मिटाकर हमें, हे प्रभो ज्ञान की रोशनी
Read Moreकिसी को ढूँढती दयार में रहीं आँखें तमाम उम्र इंतज़ार में रहीं आँखें बहा किसी की आँख से उदासियों का
Read Moreजो दिखाई दे रहा था अस्ल में वैसा न था अस्ल में जो था कभी हमने उसे देखा न था
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