स्क्रॉल संस्कृति और अंधविश्वास : तकनीक के युग में मानसिक गुलामी
आज का युग तकनीक और सूचना का है। हर हाथ में मोबाइल है, हर जेब में इंटरनेट। लेकिन क्या वास्तव
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Read Moreसावन की रिमझिम बारिश, खेतों की हरियाली, पीपल के पेड़ पर पड़े झूले, और औरतों के गीतों की गूंज —
Read Moreआज के अधिकांश अख़बारों से साहित्यिक पन्ने या तो पूरी तरह गायब हो चुके हैं या केवल खानापूरी तक सीमित
Read Moreबन जाना नेता, पर विद्या न भूल जाना,भीड़ में भी सोचने का सलीका संभाल लाना।नारे लगाना, भाषण देना अच्छी बात
Read Moreमानव इतिहास की परिधि पर जब भी कोई नया चक्र उभरता है, तो उसमें विज्ञान, कल्पना और आत्मबल की त्रयी
Read Moreहम एक ऐसे समय में जी रहे हैं जहाँ लोग अपनी मां को वृद्धाश्रम छोड़ आते हैं, लेकिन कुत्तों के
Read Moreहरियाणा के शिक्षक एक बार फिर से असमंजस, अफवाहों और अधूरी सूचनाओं के बीच फंसे हुए हैं। स्कूलों में रोज़
Read Moreस्वाध्याय की ओर प्रेरित करती एक विचारोत्तेजक पुस्तक आज की प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा प्रणाली में ट्यूशन का चलन एक आवश्यकता बनता
Read Moreवडोदरा में पुल गिरना कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि भारत के जर्जर होते बुनियादी ढांचे की डरावनी सच्चाई है। पुरानी
Read Moreइस शहर को ये क्या हो गया है,पानी नहीं, दर्द बहने लगा है। जो कहा था विकास का सपना,अब तो
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