जीएसटी पर सियासत या राहत
जीएसटी दरों में कटौती जनता के लिए राहत का संकेत है, लेकिन बार-बार बदलते तर्क सरकार की नीतियों पर सवाल
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Read Moreकुदरत का रूठना भी ज़रूरी था,इंसान का घमंड टूटना भी ज़रूरी था।हर कोई खुद को खुदा समझ बैठा,उस वहम का
Read More“जनता और कर्मचारियों की एक पेंशन ही जीवनभर का सहारा, पर नेताओं के लिए अनेक पेंशन और असीमित सुविधाएँ –
Read Moreनूर तिमिर को जो करें, बांटे सच्चा ज्ञान !मिट्टी को जीवंत करें, गुरुवर वो भगवान !! भरें प्रतिभा, योग्यता, बुनता
Read Moreमखमल की झुर्रियाँ,वक्त की स्याही से लिखी,हर सिलवट में बसती हैं,अनकही दास्तानों की छवि। ये उम्र की नहीं,सिर्फ बीते लम्हों
Read Moreखटीक समाज ही नहीं, आज की बदलती दुनिया में उनकी शिक्षाएँ समाज को दिशा देने वाला प्रकाशस्तंभ हैं। संत दुर्बलनाथ
Read Moreबरसात की बूंदें बरसीं बेइंतहा,नदियाँ बनीं लहरों का कहर सदा।खेतों की हरियाली डूब गई पानी में,सपनों की फसल बह गई
Read More“बच्चों की सुरक्षा बनाम औपचारिकता का सवाल: जर्जर स्कूल भवन, प्रशासन की संवेदनहीनता और बाढ़-गंदगी के बीच पढ़ाई नहीं, जीवन
Read More“पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का हालिया आदेश एक मील का पत्थर है। अदालत ने डॉक्टरों को साफ और स्पष्ट पर्ची लिखने का
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