प्रेस की चुप्पी, रीलों का शोर
कभी जो कलम थी आग सी,अब फ़िल्टरों में खो गई।जो चीखती थी अन्याय पर,वो चुपचाप अब सो गई। न सवाल
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Read Moreभारत आज दो नहीं, तीन मोर्चों पर जूझ रहा है—बाहरी आतंक, सीमापार दुश्मन और भीतर छिपा ‘आधा मोर्चा’। पहलगाम आतंकी
Read Moreभारत में एक बार विधायक या सांसद बन जाना आजीवन पेंशन की गारंटी बन चुका है, चाहे उनका संसदीय रिकॉर्ड
Read Moreप्रश्न पूछने के अवसर भी आएँगे, अभी राष्ट्र के साथ खड़े होने का समय है। राष्ट्र सर्वोपरि। हाल की पहलगाम
Read Moreवैशाख की उजली बेला आई,धूप सुनहरी देहरी पर छाई।अक्षय तृतीया का मधुर निमंत्रण,पुण्य-सुधा में डूबा आचमन। न मिटने वाला पुण्य
Read Moreजय जय परशुराम प्रभु, धरम के दीप जलाओ,अन्याय के घोर अंधेरे में, फिर से ज्योति जगाओ।। कण-कण में करुण पुकार
Read Moreबिश्नोई समाज राजस्थान का एक अनूठा समुदाय है जो सदियों से पेड़-पौधों और वन्य जीवों की रक्षा में अपना जीवन
Read Moreविश्व पशु चिकित्सा दिवस पर एक विमर्श विश्व पशु चिकित्सा दिवस हर साल अप्रैल के अंतिम शनिवार को मनाया जाता
Read Moreदेश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा अब जातीय गौरव का तमाशा बन चुकी है। जैसे ही रिज़ल्ट आता है, प्रतिभा और
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