ये हरियाली की तस्वीरें झूठी हैं
पौधे उगते हैं अब केवल स्टेटस की ज़ुबानों में,धूप तप रही है सच में, साया है अफसानों में। हरियाली की
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Read Moreपाँच साल पहले कोविड-19 लॉकडाउन ने जहां दुनिया की अर्थव्यवस्था को झकझोरा, वहीं पर्यावरण को राहत दी। वायु प्रदूषण, ग्रीनहाउस
Read More“गांव वही है, खेत वही हैं, माटी की महक पुरानी,पर उसमें अब प्राण नहीं हैं, न वह बात रही कहानी।बेटे
Read Moreजीवन के इस सफ़र में,हर मोड़ पर कोई न कोई साथ छोड़ देता है,कभी उम्मीद, कभी लोग —तो कभी ख़ुद
Read More(आत्महत्या जैसे विचारों से जूझते मन के लिए) ज़िंदगी जब करे सवाल,और उत्तर न मिले हर हाल,तब भी तुम थक
Read Moreसाँस-साँस को मोहताज किया,जीवन को नीलाम किया।मासूम थी, बस एक साल की,फिर भी व्यवस्था ने इनकार किया। “वेंटिलेटर चाहिए?” —
Read Moreदिल का क्या है, उम्र से बंधा नहीं,ये तो बस धड़कता है, हर पल, हर कहीं।चालीस का आँकड़ा बस गिनती
Read Moreहरियाणा में इन दिनों एक डरावना चलन पनपता दिख रहा है। हर हफ्ते कहीं न कहीं से यह खबर आती
Read Moreमत छेड़ प्रकृति को मानव!यह मौन नहीं, ज्वाला है।जिसको तू निर्बल समझे,वो अग्नि-कणों की माला है। बिजली बन कर टूटेगी,जो
Read Moreपाँच साल पहले कोविड-19 लॉकडाउन ने जहां दुनिया की अर्थव्यवस्था को झकझोरा, वहीं पर्यावरण को राहत दी। वायु प्रदूषण, ग्रीनहाउस
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