गीतिका/ग़ज़ल शगुन चौधरी 22/07/202522/07/2025 ग़ज़ल सुनो मैं तुम्हे सच में सोचती हूंप्यासी हूं सो तुम्हे दरिया सोचती हूं ।। सोचती हूं एक शाम तेरे साथउसके Read More
गीतिका/ग़ज़ल शगुन चौधरी 22/07/202522/07/2025 ग़ज़ल उसकी याद को आना हैं और चले जाना हैंपलकों से आसूं को गिराना हैं और चले जाना हैं ।। जहां Read More