Author: डॉ. शैलेश शुक्ला

सामाजिक

डिजिटल लत और मानसिक स्वास्थ्य : क्या सोशल मीडिया हमें अंदर से खोखला कर रहा है?

डिजिटल युग ने मानव जीवन को जितना सुविधाजनक, तेज़ और वैश्विक बनाया है, उतना ही जटिल और तनावपूर्ण भी कर

Read More
विज्ञान

कृत्रिम मेधा से बनी खबरें : क्या पत्रकारिता अब मशीनों के हवाले हो रही है?

डिजिटल युग में पत्रकारिता जिस तेजी से बदल रही है, वह अभूतपूर्व है। जिस पेशे को कभी मानवीय संवेदना, अनुभव,

Read More
राजनीति

वैश्विक तनाव, सहयोग और मानवता का भविष्य: एक नया संतुलन खोजते विश्व

आज की दुनिया को समझना पहले कभी इतना जटिल और चुनौतीपूर्ण नहीं रहा जितना आज है। 21वीं सदी के पहले

Read More
सामाजिक

कृत्रिम मेधा का वैश्वीकरण: क्या मानव विवेक पीछे छूटता जा रहा है?

इक्कीसवीं सदी का वर्तमान दौर विज्ञान और तकनीक के अभूतपूर्व विस्तार का साक्षी बन चुका है जिस गति से दुनिया

Read More
सामाजिक

विज्ञान की नई दिशा में महिलाएँ और बालिकाएँ : समान अवसर से समृद्ध भविष्य की ओर

हर वर्ष 11 फरवरी को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस केवल एक प्रतीकात्मक दिवस नहीं है,

Read More
शिक्षा एवं व्यवसाय

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के पाँच वर्ष : कार्यान्वयन की बाधाएँ और समाधान

2020 में जब भारत सरकार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy – NEP) को प्रस्तुत किया, तो यह

Read More
शिक्षा एवं व्यवसाय

डिजिटल शिक्षा बनाम पारंपरिक शिक्षा : भारत के ग्रामीण परिप्रेक्ष्य में

भारत की ग्रामीण आबादी लगभग 65% है और यह आँकड़ा न केवल जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है, बल्कि भारत के

Read More
राजनीति

शहरों से गाँवों तक : डिजिटल मीडिया की क्रांतिकारी लहर

भारत में डिजिटल क्रांति ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है। 2025 तक, भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 90 करोड़ को

Read More