बहुत
बहुत दूर तक चलेपर कहीं पंहुचे नहींआज भी वहीं हैंजहां पहले पड़े थे बहुत दिनों तक सोचा थापर वो सोच
Read Moreथोड़ी बेचैन सी, घबरायी हुईन जाने क्या होगान जाने क्या पूछेंगेन जाने क्या कहेंगेहैरान-परेशान सीअपना भविष्य बुन रहीअतीत में झांक
Read Moreआधुनिक इश्क यूं ही होता नहीं इश्क अब बिक रही है मुहब्बत जमाने में सोच समझ कर इश्क करने वाले
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