कविता श्याम सुन्दर मोदी 19/02/202119/02/2021 नि:शब्द तुम्हारा बोलता जाना मेरा सुनता जाना जवाब आँखों मे था लबों पे खोजता जाना। दिल जब भी बोले मेरा मानता Read More
कविता श्याम सुन्दर मोदी 20/01/202129/01/2021 यही तो जीवन है खुली आंखों से जो देखा वो सपने बन गए बंद आंखों से जो देखा वो सामने आ गए। समझकर भी Read More
कविता श्याम सुन्दर मोदी 14/12/2020 नया साल आँख मारकर मुर्गा बोला आओ कर लें प्यार मुर्गी तू आजा होकर बन सँवर तैयार । जब तक जिएंगे लिपटे Read More