रोला छंद
भाॅंति-भाॅंति के लोग, जहाँ में दिख ही जाते। फैले जैसे रोग, विविधता रंग दिखाते। दुनिया बड़ी विचित्र, आप
Read Moreछोड़िएनादानी अबजल की कीमतएक -एक बूँद की। संकटआप खुदपैदा कर रहेजल की बरबादी कर। गर्मीफिर आईजल संकट लेकरआइना दिखा रही
Read Moreआया कैसा नया जमाना, देख-देखकर दंग। कैसा हुआ आज का प्राणी, पल-पल बदले रंग।। आम आदमी सोच रहा है, कैसे
Read Moreमनाते हैं मजदूर दिवसदशा पर दृष्टितुम्हारे लिए। व्यर्थ है मजदूर दिवसकितना बदलाव आयातुम्हारे लिए। हालत मजदूर की देखीभला समझे कितनातुम्हारे
Read Moreजिन पर गुजरी कभी नहीं,दर्द भला वो क्या जाने।जिनसे रिश्ता नहीं हमारा,भला हमें वे क्यों मानें। सबके अपने दर्दों की
Read Moreमाता पिता की कर ले सेवा।खायेगा तू मिश्री मेवा।।मान ले प्यारे मेरा कहना।जीवन का ये सुंदर गहना।। सबके कहाँ नसीब
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