डिफॉल्ट

फायकू

नियमों का नियमित उलंघन
हमारा सिद्धांत है
तुम्हारे लिए।

मान-मर्यादा भूल गए
स्वयंभू श्रेष्ठ जन
तुम्हारे लिए।

व्यर्थ है आँसू बहाना
जीवन खुलकर जीना
तुम्हारे लिए।

कौन लगता आज अपना
कैसे पहचानें हम
तुम्हारे लिए।

उसने जब खूब रुलाया
तब समझ आया
तुम्हारे लिए।

चोरी की कविता से
बड़ा कवि बना
तुम्हारे लिए।

खत्म हुआ अब लिहाज
छोटे -बड़े का
तुम्हारे लिए।

बेवकूफ बनना उसकी आदत
फायदा लोग उठाते
तुम्हारे लिए।

बहुत रुलाया अब तक
बस! और नहीं
तुम्हारे लिए।

मुझे भारत रत्न मिलेगा
यमराज की भविष्यवाणी
तुम्हारे लिए।

स्वार्थ में अंधे होकर
क्या पाया हमने
तुम्हारे लिए।

हाथ जब शीश उसने
आँख भीड़ गई
तुम्हारे लिए।

यमलोक ब्रेकिंग सुनी देखी
माथा पीट लिया
तुम्हारे लिए।

इतना हैरान क्यों होना
यमराज मेरा यार
तुम्हारे लिए।

आओ जाओ याद रखो
क्रम मत छोड़ो
तुम्हारे लिए।

हारना सबसे अच्छा विकल्प
कल जीतने के लिए
तुम्हारे लिए।

नाहक पंगा क्यों लिया
हिटलर बनी बीबी
तुम्हारे लिए।

मरना चाहता जीना छोड़
सोच विचार कैसा
तुम्हारे लिए।

आ गया सुबह -सुबह
यमराज चाय पीने
तुम्हारे लिए।

कल लड़ गया यमराज
बिना बात हमसे
तुम्हारे लिए।

यार है वो मेरा
क्यों होता हैरान
तुम्हारे लिए।

*सुधीर श्रीवास्तव

शिवनगर, इमिलिया गुरूदयाल, बड़गाँव, गोण्डा, उ.प्र.,271002 व्हाट्सएप मो.-8115285921

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