दोहा
अपने ही करने लगे, अब पीछे से वार।मौका सदा तलाशते, घोंपें पीठ कटार।। कभी नहीं हम जा सके, वादा किया
Read Moreसमीक्ष्य संग्रह ‘खोज लें हम सत्य’ डॉ रवीन्द्र वर्मा की कृति समय का आईना सरीखी गीतिका की लयबद्धता, गीतों की
Read Moreकभी आप मत कीजिए, जानबूझकर पाप।नाहक लेने से भला, दूर रहे संताप।समझदार हो खुद बड़े, फिर भी देता सीख-अच्छा होगा
Read Moreपुस्तकेंफैलाती हैंज्ञान का प्रकाशहम सबके जीवन में। साथीहोती पुस्तकेंहमारे जीवन कीसबसे सच्ची दोस्त होतीं। पुस्तकेंमौन होकरनिस्वार्थ भाव सेजीवन भर साथ
Read Moreपुस्तकें फैलाए जीत मेंज्ञान का प्रकाशतुम्हारे लिए। पुस्तकें प्रकाशित करती हैंजीवन राह दिखातींतुम्हारे लिए। सबसे अच्छी साथी हैंजानना जरूरी हैतुम्हारे
Read Moreछोड़िएनादानी अबजल की कीमतएक -एक बूँद की। संकटआप खुदपैदा कर रहेजल की बरबादी कर। गर्मीफिर आईजल संकट लेकरआइना दिखा रही
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