रोला छंद
श्रम साधक मजदूर, रात दिन मेहनत करता।कब कहता मजबूर, रोज रोटी को खटता।।कहें मित्र यमराज, यही है इनका सावन।नहीं मानते
Read Moreसुख-दुख तो हैं आते-जाते, जीवन पथ संगीत सुनाते।समझ इसे हम सब कब पाते, बाद बहुत नाहक पछताते।। इसका जीवन खेल
Read Moreज्ञानी मुझको मानना, कहाँ बड़ा अपराध।सबको ये अधिकार है, मन चाहा ले साध।।मन चाहा ले साध, फ़र्क कब मुझको पड़ता।कब
Read Moreहर्षित मन मेरा सभी, करें नमन स्वीकार।बस आशीषों के सिवा, और नहीं दरकार।।और नहीं दरकार, मिले वो जिससे वंचित।जीवन का
Read Moreयेसिर्फनिशानलाल नहींरेड क्रॉस कासेवा प्रतीक है। हेदेशभर केनागरिकोंसमझो तुमनैतिकता सेवारेडक्रॉस संदेश। लोआगेआकरसेवाधर्मका पाठ पढ़ो।नित मुस्कान बाँटो। येबसभलाईसेवाभावसिखाता हमेंरेडक्रॉस दिवस।
Read Moreकैसा इनका हाल, आप हम सब ही जानें।बात अलग है और, नहीं सरकारें मानें।।नहीं सरकारें मानें, राम कहानी इनकी।भरते सबका
Read Moreउजालों से मिलती है सीखबोध कराता है विश्वास, संकल्प के साथसहनशीलता की खामोशी का,जीवन यात्रा की अनवरत यात्रा के लिएहमारी
Read Moreएकल संग्रहों की श्रृंखला में एक और संग्रह का प्रवेश हुआ है, और यह है होनहार युवा कवयित्री अनुराधा प्रियदर्शिनी
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