मुक्तक
तीन लोक का स्वामी तुमको, कहती दुनिया सारी।जीवन पथ की हर इक बाधा, करती डरती यारी।।मन विश्वास हृदय में जिसके,
Read Moreआज हास्य दिवस है इस पर किसका वश है। कहते हैं यमराज मित्र हँसना मना है यही इस दिवस का
Read Moreउम्मीदों की राह का मिटता सन्नाटा मुस्कान बिखेरती चाँदनी सपने दिखाती,दिल की धड़कन बेकाबू सी हो जाती है।तब मन में विश्वास
Read Moreआज सुबह-सुबह मित्र रमराज ने मुझे फोन करके कहा- प्रभु! आप बेवकूफ हैं। मैंने हँसते हुए पूछा -यह बात तुझे
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