आधार बाला छंद
धर्म का देख व्यापार ऐसा।चाहते हैं सभी आज पैसा।।खो रही है धरा भाव देखो,आदमी हो गया आज कैसा।। खोजते आज
Read Moreधर्म का देख व्यापार ऐसा।चाहते हैं सभी आज पैसा।।खो रही है धरा भाव देखो,आदमी हो गया आज कैसा।। खोजते आज
Read Moreमाँ की ममता बड़ी अपार।मान रहे हम सब आधार।।कौन हुआ इससे उद्धार।करते रहिए माँ से प्यार।। प्राणी जीवन का ये
Read Moreहमको ये मंज़ूर नहीं है।क्योंकि वो मजबूर नहीं है। मत गाओ राग अधूरा,इसमें लय भरपूर नहीं है। नफ़रत की दीवार
Read Moreआज हास्य दिवस है इस पर किसका वश है। कहते हैं यमराज मित्र हँसना मना है यही इस दिवस का
Read Moreउम्मीदों की राह का मिटता सन्नाटा मुस्कान बिखेरती चाँदनी सपने दिखाती,दिल की धड़कन बेकाबू सी हो जाती है।तब मन में विश्वास
Read Moreआज सुबह-सुबह मित्र रमराज ने मुझे फोन करके कहा- प्रभु! आप बेवकूफ हैं। मैंने हँसते हुए पूछा -यह बात तुझे
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