उदास
उदास होता हूँमन टूटा हो जब,तब याद आता हैमेरे भीतर का वो आदमीजो उछल-कूद करता था,बिना शर्माए-घबराए, नाचता-खेलता था,सबको खुश
Read Moreमनुष्य नेसबसे पहलेदूसरों को नहीं,स्वयं को हराया।उसनेअपने ही हाथोंविश्वास का गला घोंटा,और फिरईश्वर सेसत्य माँगता रहा।वहलोहे सेशहर बनाता रहा,परअपने भीतरएक
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