टुट गई आस
नहीं भरोसे का यह जग साराबेईमानों से मन गया हाराकिस पे कैसे अब करूँ विश्वासटुट बिखर गई भरोसे की आस
Read Moreकुदरत क्यूँ हमसे नाराज हैये कैसा वर्षा का आगाज हैकिस भूल की सजा दे रही हैगाँव शहर सब डूबो रही
Read Moreउम्मीदों का शहर है मेरा ठिकानाहर चेहरा है जहाँ पे अनजानाफिर भी आशा की दीप जलायेनई संसार की ओर पाँव
Read Moreपाप की जो करी है कमाई तेरे काम ना अयेगीबेईमानी से अर्जित आई पाप के घर ही जायेगीमत कर तुम
Read Moreजब तक सूरज चाँद रहेगासत्यमेव जयते जग में गुँजेगासागर इसे डूबो सकता नहींमिट्टी दफन कर सकता नहीं सत्य की राज
Read Moreगाँव जवार भूला सहचारयुवा भुला अपनी संस्कारकलियुगी रंग में रंगा संसारजग से रूठा कहाँ छुपा प्यार दशहरे की वो ग्रामीण
Read Moreहे मानव जग में तुँ है महानजग में मत बन तूँ नादानप्रेम बीज धरातल पे गिरानाप्रेम मोहब्बत की फसल उपजाना
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