कविता
बाजार में कई रंग हैंअलग-अलगलाल हरे नीले पीलेबैंजनी बसंती।इन्हीं रंगों के बीच हैहमारी दुनियादुनिया के बीच रंगहरा – भरा परिवेशप्रकृति
Read Moreमेरे मुंह से निकलीइतनी साफ मधुर आवाज की पुकारभले ही न सुनाई पड़ी हो तुम्हेंलेकिन मेरे शब्दों की ऊर्जा सेजरूर
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