कविता वाई. वेद प्रकाश 10/07/202510/07/2025 नवगीत तुम्हारी याद मेंरहा खोया, नहीं सोया।नींद आंखों में नहीं थीप्रीति पैतानें खड़ी थीदेखने को रास्तेवक्त की पूरी घड़ी थी।याद में Read More
गीतिका/ग़ज़ल वाई. वेद प्रकाश 02/07/202502/07/2025 ग़ज़ल ज़िन्दगी जैसी है क्या वैसी रहेगी।तीरग़ी जैसी है क्या वैसी रहेगी।भूख जाये देह के भूगोल तक,तिश्नगी जैसी है क्या वैसी Read More
कविता वाई. वेद प्रकाश 04/06/202504/06/2025 कविता हमारे जीवन मेंकुछ भी नहीं है एक सा ।हमारी चाहतेंहमारे स्वप्न, हमारे संघर्ष कीहमारे जय- पराजयटूटने – जुड़ने कीबेजोड़ कथाएं।इच्छा Read More
गीतिका/ग़ज़ल वाई. वेद प्रकाश 04/06/202504/06/2025 ग़ज़ल दूर होगा यह अंधेरा आइए।दीप रोशन ही रहेगा आइए।मंदिरों से मस्जिदों तक का सफरकारवां बढ़ता रहेगा आइए।भीड़ के हैं ज़लज़ले Read More
मुक्तक/दोहा वाई. वेद प्रकाश 23/05/202523/05/2025 कुछ दोहे मांगे से कुछ न मिले,न भोजन न नीर।करो तपस्या जतन से, चमकेगी तकदीर।।सीधी सादी जिंदगी ,मीठे सच्चे बोल।जाने क्या उनको Read More
कविता वाई. वेद प्रकाश 10/05/202510/05/2025 कविता बाजार में कई रंग हैंअलग-अलगलाल हरे नीले पीलेबैंजनी बसंती।इन्हीं रंगों के बीच हैहमारी दुनियादुनिया के बीच रंगहरा – भरा परिवेशप्रकृति Read More
गीतिका/ग़ज़ल वाई. वेद प्रकाश 07/05/202507/05/2025 ग़ज़ल खुद को खुद में रहने दो,थोड़ा- बहुत विचरने दो।लोग कहां पहचानेंगे,चेहरा उसको रंगने दो।खुशबू जिसमें बसती है,उसको जरा महकने दो।सूरज Read More
कविता वाई. वेद प्रकाश 06/04/202506/04/2025 समय समय एकशब्द भर नहीं हैयह एक सच है सपने सा।कांपता हुआ शिखर परकिसी आश्चर्य की तरहजगमगाता हुआ पर्वत परचांद सितारों Read More
गीतिका/ग़ज़ल वाई. वेद प्रकाश 06/04/202506/04/2025 ग़ज़ल खुद को खुद में पाकर देखो ।मुझको गले लगा कर देखो।सारी दुनिया याद करेगी,संघर्षों में आकर देखो।हक कितना रखते हो Read More
गीतिका/ग़ज़ल वाई. वेद प्रकाश 31/03/202531/03/2025 ईद मुबारक दिखा रहा जो आसमान को उस दर्पण को ईद मुबारकझांक रही जो रोशन किरणें उन किरणों को ईद मुबारक।जलते – Read More