ग़ज़ल
शब्द बोले या न बोले बोलती है जिन्दगी।आइना बोले न बोले बोलती है जिन्दगी।चल रही आंधी से आखिर ये श़जर
Read Moreढाई आखर ने सदा,रचा विश्व भूगोल।प्रेम यही तो पढ़ सका पूरी पृथ्वी गोल।। दूर सदा उससे रहो, पड़े जो भोग
Read Moreबेहद आत्ममुग्धता मेंजी रहे हैं वे।उनकी संतानेंपहुंच चुकी हैं बड़े – बड़े पदों परबहुत ज्यादा पढ़ लिख कर।उन्होंने बना दिये
Read More