पुराना भारत (कहानी)
रामलाल को कारणवश सपरिवार सुदूर अपने रिश्तेदार के यहाँ जाना था। राह लगभग चार दिनों की थी। कुछ खाने के
Read Moreरामलाल को कारणवश सपरिवार सुदूर अपने रिश्तेदार के यहाँ जाना था। राह लगभग चार दिनों की थी। कुछ खाने के
Read Moreयूँ तो मीठालाल का परिवार कस्बे में अपनी अच्छाइयों के कारण जाना जाता है । स्वयं मीठा लाल धर्मप्राण व
Read Moreयूँ तो शान्ति किसे नहीं सुहाती फिर चाहे पशु-पक्षी हो या इंसान शान्ति का होता एक विज्ञान जो आरोग्य प्रदान
Read Moreयद्यपि इंसान स्वयं सदियों से जूतियाँ पैरों में और सिर पर पगड़ी पहनता आया है और दोनों का स्थान भी
Read Moreबसंत तुम इठलाना मत गीत बेसुरे गाना मत । तुझसे सजेगी धरती प्यारी फूल फूल हर क्यारी क्यारी देख देख
Read Moreजय त्रिपुंडधारी गल मुंडधारी सृष्टि जाने तव महिमा न्यारी हे सहज देव हे भोलेनाथ रख सिर हाथ कर दो सनाथ
Read Moreनारी तुम अद्वितीय रचना हो करतार की नारी तुम प्यारी सी गणना हो संसार की बेटी बन लुटाती अपार खुशियाँ
Read Moreपत्र साल दो हजार बीस के नाम… समय- मध्य/ नवम्बर /2020 आदरणीया साल 2020 ,
Read Moreदीपावली कुछ दिनों बाद आने बाली थी पर अबकी बार मौसम भी कुछ विचित्र सा गर्मी लिए हुए था साथ
Read Moreतोता पिंजरा दाना पानी सदियों से रही यही कहानी बंधन चंदन या अभिशाप बना जीवन छोटी सी नाप रटे जिह्वा
Read More