लघुकथा

सच्चा सौदा

शाम के छः बजे रमनलाल जी के घर के सामने श्वानों की लाइन लगी है. अच्छे विद्यार्थियों की भांति पूरी तरह से अनुशासित खड़े हैं सभी श्वान. अपनी बारी आने पर रमनलाल श्वान को चोला पहनाता है. वह चला जाता है और शांति से अगला श्वान चोला पहनने के लिए प्रस्तुत होता है. रमनलाल अपनी […]

आत्मकथा

अलविदा 2022, स्वागत 2023

  मां शारदे की कृपा से २०२२ का संघर्षमय समापन संभवतः मेरी अब तक की जिंदगी का चमत्कार ही है और यह चमत्कार मां शारदे का आशीर्वाद मिश्रित साहित्यिक जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों, माता पिता तुल्य अग्रज, अग्रजा  वरिष्ठों, हम उम्र और छोटे भाई बहनों और सबसे खास उन आभासी दुनिया की छोटी, बड़ी […]

कहानी

कहानी – सृजन धारा

“…हूँ…हूँ …हूँ …हूँ ….देखा एक ख्वाब तो ये सिलसिले हुए… दूर तक निगाह में हैं गुल खिले हुए…. ये गिला है आपके निगाहों से, फूल भी हो दरमियाँ तो फासले हुए…” तकिए को बिस्तर पर जमाते हुए रेडियो के चित्रपट संगीत कार्यक्रम में चल रहे गीत को गुनगुना रही थी। “…तभी तेरी आवाज है हवाओं […]

कहानी

आधी अधूरी कहानी

जैसे चाँदनी की सुन्दरता चाँद से और अमावस पर घनघोर अंधकार की अपनी छटा होती है ।ठीक ऐसे ही चकोर को मात्र बारिश की एक ही बूँद अमृत समान लगती है। यह भी शाश्वत सत्य है कि सृष्टि का अस्तित्व नर और नारी से ही संभव है । सृष्टि के निर्माण हेतु परमेश्वर ने उजाला-अंधेरा […]

लघुकथा

खुला दरवाजा

दामिनी शर्मा एक ऐसा नाम जिसे लोग बहुत सम्मान से लेते थे ।  निर्भीक, निडर और स्पष्ट बोलने वाली  सबकी प्रिय एक रुतबा था उनका । परिवार को बहुत ही प्यार से और  करीने से सींचा था । सीमित संसाधनों में अपने बच्चों के साथ साथ  परिवार के अन्य बच्चों को भी अपने पास रख […]

लघुकथा

माँ की कृपा

अंकित बड़ी मुश्किल से पाँच छ: वर्ष का होगा । दो बहनों का भाई। अभी बचपन में ही था । पढाई से बेफ्रिक बस दिन भर मौज- मस्ती में मस्त। दादा-दादी का राज दुलारा और बहनों का भी बेहद प्यारा । बुआ कविता तो उसे अपनी जान से भी अधिक प्यार करती थी । निस्संदेह […]

लघुकथा

लघुकथा – कम्बल वितरण

बहुत बड़ा और सुंदर मंच सजा हुआ था । मंच के डेकोरेशन से ही पता चल रहा था कि मंच पर ही लाखों का व्यय किया गया है । काजू, बादाम, पिस्ता की प्लेटों के सामने क्षेत्रीय विधायक, सांसद, अध्यक्ष और सत्ताधारी पार्टी के तमाम फध्यक्ष मंच की शोभा बड़ा रहे थे । इसके साथ […]

कहानी

कहानी – अपनी अपनी जिन्दगी

नूना मेरे पास काम की तलाश में आया था। अपने नये फार्म हाउस के लिए मुझे एक नौजवान नौकर की जरूरत थी। नूना को उसी काम के लिए बुलाया था मैने। पीडा में डूबी नूना की बातों ने मुझे झकझोर दिया था। वह अपनी आप बीती सुना नहीं जैस गिना रहा था-“ कहां पता था […]

लघुकथा

अमीर

“मिंटू, आ हमारे साथ सतौलिया खेल.” नवीन ने आमंत्रित किया. “सतौलिया! वो क्या होता है?” “अरे यही जो हम खेल रहे हैं बुद्धू! पत्थर के ऊपर पत्थर, पत्थर के नीचे पत्थर, फिर बॉल से दे धड़ाम नीचे वाले पत्थर को और फिर भाग, जमा पत्थर के ऊपर पत्थर और जीत! तेरा मन नहीं करता खेलने […]

लघुकथा

ऊंची पतंग

एयरपोर्ट पर दिविशा को विदा करने के बाद उसके माता-पिता पुनः लॉबी में बैठकर फ्लाइट जाने की प्रतीक्षा करने लगे. वे अचल थे, लेकिन विचारों को चलायमान होने से कैसे रोका जा सकता है! पिताजी तो अपने मोबाइल में मगन हो गए, लेकिन मां का मन दिविशा के, बल्कि अपने बचपन तक पहुंच गया. “मैं […]