जिंदगी-मृत्युनामा
मॉरिशस में ‘विश्व हिंदी सम्मेलन’ ! जब अपने देश में ही हिंदी की इज़्ज़त नहीं है और भारतीयों के अँग्रेजियापा
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Read Moreअपनी बुआ के यहाँ मैं सूजापुर आया हुआ था, संभवत: बरारी, काढ़ागोला या कुर्सेला में या यहीं कहीं अटल जी
Read Moreअरे वाह संजय जी ! एमएस का एक मैच मैंने राजेन्द्र स्टेडियम, कटिहार में देखा था । राँची में एकबार
Read More‘साहित्य अकादेमी’ के आदरणीय सचिव (पूर्वी क्षेत्र) डॉ0 देवेन्द्र कुमार देवेश जी ने शोध-पुस्तक “पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद” की समीक्षित
Read Moreइधर एक देवी (महिला) से मुलाकात हुई, नाम है– “शशि मंडल सिंह सिन्हा श्रीवास्तव पुरी वर्मा शर्मा खान”। मूल नाम
Read Moreएक संस्मरण…. हरिवंश सर को बधाई ! फरवरी 2007, राँची में हुई थी मुलाकात… मैं तब फ्रीलांसर था, राजस्थान के
Read Moreप्यारे ‘रईश जावेद’, सादर नमस्कार ! तुम्हारी चित्रकारी अद्भुत थी ! ‘थी’ पर इसलिए जोर है, क्योंकि आजकल ‘मेरी यह
Read Moreपंजाब के एक केंद्रीय विश्वविद्यालय में एक उच्च पद पर कार्यरत श्री सदानंद चौधरी; जो हिंदी और अंग्रेजी के अच्छे
Read More‘बारिश’ रसीली है या नशीली या दोनों ! इधर बारिश ऐसी रसीली और नशीली होती जा रही कि मिट्टी का
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