प्रश्नपत्र है ज़िंदगी
प्रश्नपत्र है ज़िंदगी, उत्तर अपने कर्म।सच की स्याही से लिखो, जीवन का तुम मर्म॥ सबको खुश कर आज तक, कौन
Read Moreप्रश्नपत्र है ज़िंदगी, उत्तर अपने कर्म।सच की स्याही से लिखो, जीवन का तुम मर्म॥ सबको खुश कर आज तक, कौन
Read Moreसच लिखने से मत डरो, चाहे हो प्रतिकार।झूठ भले ही जीत ले, सच माने संसार॥ शब्दों में ताकत बड़ी, शब्दों
Read Moreसांडों का अब सड़क पर, बढ़ता जाता राज।राहगीर सहमे हुए, कौन सुने आवाज॥ बाजारों में घूमते, लेकर भारी देह।कब किसको
Read Moreजलते पुतले देखकर, खुश होता संसार।मन के रावण पल रहे, कौन करे संहार॥ पुतला जलकर राख है, मन में भरा
Read Moreतन पर चोला साधु का, मन में भरा विकार।कैसे होगा मुक्त वह, मन में हो संसार॥ लिप्त रहे निर्लिप्त बन,
Read Moreदीवाली के दीप ने , कहा तिमिर से भाग ,तिमिर छुपा दीपक तले, सुनो सभी तम राग। धनतेरस पे कीजिये
Read Moreलोमड़ की मक्कारियाँ, भालू का अभिमान।श्वान भौंककर सोचता, जीतेगा मैदान॥ जंगल के ठेकेदार ये, करते खूब बखान।खुद के दम पर
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