बिना तथ्य के शोर
आंदोलन का अर्थ है, जनहित का उत्थान।निज स्वार्थों की भीड़ से, कैसे बने महान॥ भीड़ बढ़ाने से नहीं, बदलेंगे हालात।नीयत,
Read Moreआंदोलन का अर्थ है, जनहित का उत्थान।निज स्वार्थों की भीड़ से, कैसे बने महान॥ भीड़ बढ़ाने से नहीं, बदलेंगे हालात।नीयत,
Read Moreगाली देकर सोचते, जीतेंगे मैदान।कर्म बताएगा सभी, किसकी क्या पहचान॥ भीड़ जुटाकर चल पड़े, खुद को समझें शेर।सच की एक
Read Moreफागुन में नैना मिले, चैत गले का हार।बैसाखी पाती लिखी, जेठ हुआ गुलज़ार।। आषाढ़ संग भीगे सपने, सावन मधुर संगीत।भादों
Read Moreसमय समय के खेल में, कैसे-कैसे खेल।कहीं खुशी के दीप हैं, कहीं विरह की बेल॥ रिश्तों में दिखने लगे, कैसे-कैसे
Read Moreरोजी-रोटी के लिए, भटक रहे हैं लोग।कुछ की खातिर है यही, सबसे भारी रोग।कुछ का अच्छा भाग्य है, कुछ का
Read Moreनन्हे हाथों में लिए, क्रीम भरा कटोर।चेहरे पर मुस्कान है, मन में मस्ती जोर।। गालों पर क्रीम लगा, बैठा नन्हा
Read Moreजनता के अधिकार पर, मंडराता अंधकार।मत की चोरी रोकना, लोकतंत्र का सार।। आरोपों के दौर में, उठते कई सवाल।सच क्या
Read Moreहर अपना अपना नहीं, भ्रम में रहना छोड़ ।समय पड़े तो देखिए, कौन निभाता जोड़ ।। रावण को विश्वास था,
Read Moreजनता के अधिकार पर, भारी सत्ता-तंत्र।कहने को तो देश में, है आज लोकतंत्र।। कुर्सी की खातिर यहाँ, रिश्ते हुए तमाम।नीति
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