मुक्तक/दोहा

पद्य साहित्यमुक्तक/दोहा

मुक्तक

अपने को मजबूत बनाओ ,समझो दुनियादारी।पता नहीं कब पड़े खेलनी,कहाँ,कौन-सी पारी।अगर प्रेम से सारे मुद्दे, दुनिया में हल होते,वंशी वाला

Read More