जौहर
जौहर की वह ज्वाल थी, साहस की पहचान।विपदा में भी ना झुकीं, दृढ़ था स्वाभिमान॥ मस्तक ऊँचा रख चलीं, लेकर
Read Moreपर्वत से सैलाब अब, बहा रहा सब साथ।कुदरत के इस क्रोध से, काँप उठा हर हाथ।। पल में उजड़े आशियाँ,
Read Moreनदियों के जो पथ दबा, करते रहे विकास।बाढ़ बनी जब काल फिर, किसका बचा निवास।। काटा पेड़ों को सदा, पर्वत
Read Moreचिट्ठी लाई गाँव से, जब राखी उपहार।आँसू छलके आँख से, देख बहन का प्यार।। रेशम की डोरी सजी, लेकर नेह
Read Moreरातों में जो शब्द जगे, भोर हुआ ये काम।मेरी रचना ले गए, अपना कहकर नाम॥ भावों की मैं खोज में,
Read Moreनन्हे हाथों में सजी, आइसक्रीम की शान।खाते-खाते मुस्कुरा, खिल उठा नन्हा जान।। गाड़ी दौड़े राह पर, मन में छाई मौज।मीठी-मीठी
Read Moreदूजे के घर आग में, सेंके अपने हाथ।याद रखो वह आग फिर, ढूँढे तेरा साथ।। दूजे के दुख पर हँसे,
Read Moreदूजे को बदनाम कर, ढूँढे अपना मान।कीचड़ उछले तो बचे, तेरा कहाँ गुमान।। आज बुझे इस दीप पर, तुम हँसते
Read Moreराखी का ये पर्व है, प्रेम भरा त्योहार।भाई-बहन के स्नेह से, महके सारा संसार॥ जिनके भाई हैं नहीं, बहनें हों
Read More