मुक्तक
प्रेम का अर्थ ही नारी ने बदल डाला हैआज की शक्ति ने शिव को ही कुचल डाला हैपूर्व प्रेमी के
Read Moreसमय बदलता जा रहा, बदल रहा संसार।जो चलता बदलाव सँग, करता नैया पार॥ बदलावों से डर भला, कब तक मन
Read Moreभूल हुई तो मान लो, मत करना इनकार।सुधर गया जो वक्त पर, उसका जीवन सार॥ गलती से जो सीख ले,
Read Moreअबला कहकर मत दबो, नारी है तलवार।हक़ की खातिर उठ खड़ी, करती सीधा वार॥ आँसू कमजोरी समझ, मत करना व्यवहार।बूँद-बूँद
Read Moreसच को कहने से सदा, डरता जो इंसान।भीड़ भले सम्मान दे, खो देता पहचान।। प्रश्न जहाँ मरने लगें, मौन जहाँ
Read Moreजीते जी जिनको दिया, तानों का उपहार।मरने पर तस्वीर को, चढ़ते फूल हजार।। बाप पसीना बेचकर, करता घर आबाद।आज बुढ़ापे
Read Moreरोटी दे बछड़ा पला, खूब सिखाई पींग।बड़ा हुआ तो मारता, आज मुझे ही सींग॥ दाना चिड़िया को दिया, भरा पंख
Read Moreसभी डरे थे देखकर, संकट का विस्तार।भारत का बेटा खड़ा, लेकर दृढ़ हुंकार॥ संयमी हवा में रहा, मन में रहा
Read Moreबोला माटी का दिया, मेरा नाम “प्रकाश”।धरती है मैया मेरी, और पिता आकाश॥ सूरज हैं ताऊ मेरे, ताई जी हैं
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