बाल कहानी – अच्छे व्यवहार की जीत
रवि एक अच्छा लड़का है। वह कभी लड़ाई झगड़ा नहीं करता है। दया का गुण भी है। संस्कारी है। कभी
Read Moreरवि एक अच्छा लड़का है। वह कभी लड़ाई झगड़ा नहीं करता है। दया का गुण भी है। संस्कारी है। कभी
Read More1 हरा रंग, मैं लगूँ हथेली।डाली पर झूमूँ अलबेली।अपना भोजन स्वयं पकाती।हवा साथ मैं नृत्य दिखाती। 2 गड़े हुए धरती
Read Moreनैना सात साल की है। अपनी माँ के साथ लोगों से पैसा मांगती है। दौड़-दौड़ कर प्रत्येक कार के पास
Read Moreनन्हे हाथों की खुशी,भोली-सी मुस्कान।हाथी संग खेला करे,मेरा नन्हा जान॥ पीला-नीला हाथिया,चलता धीरे-धीरे।हँसी बिखेरे आँगना,खुशियाँ घेरे-घिरे॥ धक्का देकर बोलता,“चल रे
Read Moreरिषभ साइकिल को देखकर मचल जाता था। वह भी साइकिल चलाना सीखना चाहता है। अभी दस साल का है। कोई
Read Moreरात में जुगनूंमस्ती करते हैंउड़ते हैं गगन में कभी इधर, कभी उधरदूर तक दौड़ लगाते हैं एक लम्बी उड़ानजुगनूं जब
Read Moreनन्हे हाथों थामकर,बैठा हँसता लाल।गोदी में लौकी लिए,जैसे हरित विशाल॥ हरा-भरा यह फल कहे,प्रकृति बड़ी महान।इससे मिलकर सीख लो,सादा सुंदर
Read Moreचंदा मामा, चंदा मामा, रात के राजा चंदा मामा,धरती मां के भाई चंदा, इसीलिए हैं हमारे मामा।रोज रात को आते
Read Moreजब चूहे बिल्ली को देखते। डर के कारण सारे चूहे बिल में घुस जाते। जब तक बिल्ली नहीं जाती सारे
Read Moreगुरुजी सबसे प्यारे हैं,ज्ञान-दीप उजियारे हैं।अच्छी बातें हमें सिखाते,जीवन के रखवाले हैं। अ, आ, इ, ई पढ़वाते,गीत सुनाकर मन बहलाते।हँसते-हँसते
Read More