फल ही खाना
मम्मी, मैं तो जूस पिऊँगी,मुझे न अच्छे लगते फल।जल्दी है,पी रही जूस हूँ,छोड़ो, कल खा लूँगी फल। माँ भी समझ
Read Moreमम्मी, मैं तो जूस पिऊँगी,मुझे न अच्छे लगते फल।जल्दी है,पी रही जूस हूँ,छोड़ो, कल खा लूँगी फल। माँ भी समझ
Read Moreबचपन का राग, हँसी की बहार,फूलों सी खुशबू, रंगों की बौछार।नन्हे कदमों की दुनिया बड़ी,सपनों की पगडंडी, हर पल नई।
Read Moreआई बसंत पंचमी प्यारी-प्यारीखुशियों की चादर पीली-पीली।ठिठुरन भागी , धूप मुस्काई,धरती लगी आज बड़ी रंगीली।। सरसों हँसी खेतों-खलिहानों में,कोयल बोली
Read Moreआओ बच्चों तुम्हें सुनाऊँ, एक कहानी बादल की,काले- पीले, रंग- बिरंगे, भूरे- नीले बादल की।रूई से बन गगन में घूमें,
Read Moreनए वर्ष का नया सवेरा।मिटा गया गत सघन अँधेरा।। मास जनवरी पौष महीना।दूर देह से हुआ पसीना।।भरा कुहासा नहीं उजेरा।नए
Read Moreधुंध की चादर ने डाल रखा है डेरा,कड़ाके की ठंडी और घना है कोहरा,हाथ को हाथ भी नहीं दिखता है
Read Moreनन्ही नन्ही दुनिया, सपनों की बगिया,मुस्कानों से भरी, खिलखिलाती हर गली।तितली के पंख, बादलों की चाल,हर दिन नया रंग, हर
Read Moreमाता गुजरी की गोद में,पले वीर दो लाल,नाम फतेह सिंह,जोरावर,थे साहस की मिसाल।। नन्ही उम्र, ऊँचा हौसला,सच का था आधार,झुके
Read Moreशुद्ध स्वच्छ हो अगर रसोई।रोग न वहाँ रुकेगा कोई।। सब्जी चावल दाल पकाओ।कुछ भी किंतु स्वच्छता लाओ।।शुद्ध तवा हो या
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