बाल कविता

बाल कविता

मंच पर मुस्कुराता बचपन

नन्हे-नन्हे बच्चे आए,मंच पे मिलकर मुस्कुराए।रंग-बिरंगी लाइट जली,खुशियों की फिर धुन चली। नीली ड्रेस में गुड़िया प्यारी,परी जैसी लगती न्यारी।छोटे-छोटे

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