हम बच्चे
भारत माता के हम बच्चेसच्चाई के पथ पर चलने वालेबाधाओं से नहीं घबराने वाली । माता- पिता के प्यारे-प्यारेजग में
Read Moreआज है चौदह नवंबर का दिन,सब बच्चों का प्यारा दिन।नेहरू चाचा हमसे कहते,“बच्चे देश के फूल हैं बन।” हँसो, खेलो,
Read Moreठंडी-ठंडी चलती बयार,धूप भी लगती अब गुलजार।कप-कप काँपे हाथ-पैर,माँ बोले — पहन ले स्वेटर ढेर। सुबह नहाने का मन न
Read Moreझूला झूलें सपनों वाला,नीले गगन का है ये पाला।हवा संग बातें, बादल की चाल,छोटे-छोटे पंख, बड़ा हौसला बेहाल। चंदा मामा
Read Moreजग की शोभा पेड़ – लताएँ।अधिकाधिक हम पेड़ उगाएँ।। जहाँ पेड़ हों शांति समाए।छाया मिले अतिथि ठहराए।।रहते खग पशु भैंसें
Read Moreचलो प्रगति का क़दम बढ़ाए,आजा भारत देश सजाएं।माला की किरणे घर तेरा ,चलो लक्ष्य से प्रीत लगाएं।आ जा भारत देश
Read Moreनन्ही चिड़िया, पंख पसारे,खुले गगन में उड़ने को प्यारे।सपनों की डोरी थामे चल दी,आसमान की ऊँचाई को छूने निकली। सूरज
Read Moreबाग लगता मुर्गा आया,बड़े ज़ोर से हमें जगाने।बोला जल्दी से उठ जाओ,ढेरों काम चलो निबटाओ ।देखो चिड़िया भी जग कर,ची
Read Moreकरें वनों की हम रखवाली।बन पेड़ों के सब वनमाली।। प्रकृति सब पेड़ों को बोती।धरती पर हरियाली होती।।होती है छवि सुघर
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