चौपाई
लक्षण २२१ लक्षण सबके बिगड़ गये हैं।अपने से ही अड़े हुए हैं।।धन घमंड में नहीं कमी हैं।पूरे जग ही धूल
Read Moreमुझे बुरा जो कह रहे, उनका है आभार।इससे उत्तम और क्या, हो सकता उपहार।तेज कदम से भागते , मंजिल जिनकी
Read Moreयोगी जी को मिली सराहना गजब था उनका ढंग…महाकुंभ का मेला देख दुनिया थी दंग…।जोगीरा सारा रा रा रा। फाग
Read Moreहोली के त्यौहार में, ऐसी उठे तरंग।तन-मन में जो प्यार की, भर दे ख़ूब उमंग॥ आँगन-आँगन रंग हो, हो रंगीला
Read More(१)सरोवर की इन बन्दिशों में भीअजब सा प्रेम सौन्दर्य भर रहा है।ख्वाबों के इस शहर ने मुझे भी,अपने अनुभवों के
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