हिन्दी का गौरवशाली इतिहास
बावन गढ़ों का समूह है हमारा,प्रकृति की चंचलता नभ का तारा।देश की आन-बान शान का नारा,पूछती हूं कौन सा पथ
Read Moreबावन गढ़ों का समूह है हमारा,प्रकृति की चंचलता नभ का तारा।देश की आन-बान शान का नारा,पूछती हूं कौन सा पथ
Read Moreसरोवर सा इतिहास हमारास्वच्छ निर्मल परिधान हमाराफिर भी कर रहे हैं गुस्ताखियांसूरज चांद सितारा देश हमारा किसे कहूं भारत का
Read Moreपूछती हूं तुम से खता क्या थी हमारी ,ढूंढती रही मैं रिश्तों की वो अलमारी ।कहीं खो गयी है वो
Read Moreकितनी हसरतों से हमने इक ख्वाब सजाया था,बिखरे हुए मोतियों से जख्मों को पिरोया था।कैसे लहराऊं मैं उम्मीद की इन
Read Moreतुमने सिर्फ मेरे किरदार पढ़े होंगे,भावों के वेग उमड़ते देखे होंगे।मेरे अन्तस्थ की कलम देखी होती,तो शायद मेरा रंगीन सफ़र
Read Moreप्रेम प्रतीक्षा सघन वन संकेत संकल्प थे,अश्रु मेघ धार बनकर बरसते चले गए।ऋतु वर्णन कैसे किस हाल में सुनाऊं तुम्हें,हम
Read Moreअनुमानित अंशों की शब्द रचना,भेदों के संयोजन से बनी योजना।बसन्त, ग्रीष्म, हेमंत, शीत की लहरें,सामाजिक परिपेक्ष की बिडम्बना ।। सुझावों
Read More