प्रेम प्रतीक्षा
प्रेम प्रतीक्षा सघन वन संकेत संकल्प थे,अश्रु मेघ धार बनकर बरसते चले गए।ऋतु वर्णन कैसे किस हाल में सुनाऊं तुम्हें,हम
Read Moreप्रेम प्रतीक्षा सघन वन संकेत संकल्प थे,अश्रु मेघ धार बनकर बरसते चले गए।ऋतु वर्णन कैसे किस हाल में सुनाऊं तुम्हें,हम
Read Moreअनुमानित अंशों की शब्द रचना,भेदों के संयोजन से बनी योजना।बसन्त, ग्रीष्म, हेमंत, शीत की लहरें,सामाजिक परिपेक्ष की बिडम्बना ।। सुझावों
Read Moreहर रोज़ तेरा,तेरी खुद की परछाई से यूं जूझना ।रूदन भरीआवाज़ मेंआक्रोश से तेरा छटपटाना।। देख कर मुझे तेरे इस
Read Moreअतीत के चल चित्रों में,कुछ पन्नों पर अंकित थे ।मेरे बचपन के चल चित्रजिनमें छिपे मेरे सपने थे।। रोज़ एक
Read Moreतुम्हारे पैर में लिपटे धागे की कसावट मानों हृदय को जैसे घायल कर दिया हो प्रकृति शान्त और तुम्हारा यूं
Read Moreतेरे रंगों की महफ़िल में।मैं खो के गुज़री हूं।।ओझल तेरी आंखों से।तेरे दिल में,मैं,उतरी हूं।।आस्था की किरणों में ।तेरी ओर
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