बाल कहानी : होली
जिस दिन से जंगल के जानवरों और पक्षियों ने सुना था कि होली आने वाली हैं सबके मन में ख़ुशी
Read Moreजिस दिन से जंगल के जानवरों और पक्षियों ने सुना था कि होली आने वाली हैं सबके मन में ख़ुशी
Read Moreएक बार की बात है किसी राज्य में एक राजा था जिसका केवल एक पैर और एक आँख थी। उस राज्य में सभी
Read Moreमम्मी पापा की डांट का भी कैलाश पर असर नहीं होता था, नल खुला छोड़ देता, खूब पानी बर्बाद करता।
Read Moreआज रीना बहुत उदास थी । उसकी सभी सहेलियाँ न्यू ईयर पार्टी के लिए बाज़ार से नये कपड़े, जूते ,
Read Moreमिली अपने मम्मी-पापा की इकलौती कन्या थी. भोली सी शकल, दुबली-पतली, पर चुलबुली मिली सबकी प्यारी थी. उस की दादी
Read Moreदस वर्ष की मनु के पैर आज ख़ुशी के मारे ज़मीन पर ही नहीं पड़ रहे थे I जैसे ही
Read Moreरिंकी सात वर्ष की बहुत ही प्यारी बच्ची थी।लकिन थी बहुत चंचल व शैतान। स्वाभाव से थोड़ी स्वार्थी भी थी।
Read Moreबहुत समय पहले की बात है। दो सहेलियां थीं। एक का नाम रमा था और दूसरी का निशा था। दोनों
Read More“देखो -देखो….दादी! इसके कोमल-कोमल पंख,छोटी-सी चोंच।देखो ना दादी,, क्या आप नाराज़ हैं मुझसे? ” समीर ने अपनी दादी से कहा
Read Moreसुदूर दक्षिण स्थित केरल प्रांत के रामेश्वरम मे एक छोटा सा गाँव था , जहाँ मछुवारा समुदाय के अनेक लोग
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