जल का विस्मरण : आधुनिकता, अहंकार और सूखती हुई धरती
भारत के समकालीन संकटों में जल सबसे अधिक चर्चित है, पर सबसे कम समझा गया भी। सूखा, बाढ़, गिरता भूजल,
Read Moreभारत के समकालीन संकटों में जल सबसे अधिक चर्चित है, पर सबसे कम समझा गया भी। सूखा, बाढ़, गिरता भूजल,
Read Moreपर्यावरण संरक्षण की बहस अक्सर एक सुविधाजनक दिशा में मोड़ दी जाती है—सरकारें नीतियाँ नहीं बनातीं, मंत्रालय निष्क्रिय हैं, क़ानून
Read Moreआंध्र प्रदेश के पुंगनुर नस्ल की गाय कद में छोटी मगर सुंदरता में सबकी पसंदीदा गाय है | गाय हमारी माता
Read Moreअरावली पर्वतमाला, जो विश्व की सबसे प्राचीन पर्वत शृंखलाओं में से एक है, पश्चिमी भारत में एक मौन पारिस्थितिक प्रहरी
Read Moreहमारे पैरों के नीचे बहता भू-जल सिर्फ़ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि जीवन की गहराई में छिपा वह आधार है
Read Moreवैज्ञानिकों की एक टीम, विशेष रूप से रटगर्स विश्वविद्यालय में रसायनज्ञ युवेई गु के नेतृत्व में, नए प्लास्टिक विकसित करने
Read Moreभारत के उत्तरी भूगोल में अरावली केवल एक पर्वतमाला नहीं, बल्कि एक जीवित पारिस्थितिक दीवार, एक भूजल भंडार, एक शीतलन
Read Moreपौधों की दुनिया में, कुछ पेड़ छाया प्रदान करते हैं, कुछ फल देते हैं, और कुछ सुंदरता प्रदान करते हैं
Read Moreपशुओं में बकरी और भेड़ ,ऊँटनी का भी दूध काफी महत्व है किन्तु केवल दूध उत्पादन को बढावा देने के कारण
Read Moreभारत में सदियों से छह ऋतुओं (बसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत और शिशिर) का अपना एक क्रम रहा है। हर
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