भारत को अब नारा नहीं, राष्ट्रीय नदी नीति चाहिए
क्या आपने कभी ऐसी व्यवस्था देखी है जो पवित्र नदियों को बचाने के लिए सबसे ज्यादा भाषण दे और नदियां
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Read Moreवन्यजीव किसी देश की प्राकृतिक संपदा भर नहीं होते, बल्कि वे उसके पारिस्थितिक तंत्र की जीवंत कड़ियाँ हैं। जंगल, घासभूमि,
Read Moreकनाडा में पतझड़ बसंत से भी ज़्यादा खूबसूरत होता है। कनाडा में रोमांटिक पतझड़ का मौसम बसंत से भी ज़्यादा
Read Moreआसमान में छाए घने, काले-कजरारे बादल और दूर उफनती आकाशीय बिजली जहाँ एक ओर प्रकृति के रौद्र रूप का संकेत
Read Moreजलवायु संकट अब केवल वैज्ञानिकों की शोध रिपोर्टों या अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का विषय नहीं रह गया है। यह आज करोड़ों
Read Moreकृत्रिम बुद्धिमत्ता आज मानव जीवन के लगभग हर क्षेत्र में तेजी से प्रवेश कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, कृषि,
Read Moreभारत की कृषि उपलब्धियों की चमक के पीछे एक गंभीर सच्चाई छिपी है—भूजल का तेज़ी से ह्रास। देश की सिंचाई
Read Moreबाढ़ आती है तो सिर्फ घर नहीं, पूरी जिंदगी बह जाती है। सूखा पड़ता है तो खेतों के साथ उम्मीदें
Read Moreमहाराष्ट्र में इस बार सूखे ने सिर्फ खेत नहीं सुखाए, व्यवस्था की तैयारी भी उजागर कर दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र
Read Moreहम वायु प्रदूषण की बात करते हैं, तो सबसे पहले हमारी नजर सड़क, वाहनों, कारखानों और आसमान में छाई धुंध
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