प्रकृति की रक्षा को धर्म मानने वाले समुदायों का विश्व आदिवासी दिवस
मानव सभ्यता की प्रथम चेतना से आधुनिक युग तक, कुछ समुदायों ने प्रकृति पर अधिकार नहीं, बल्कि उसके साथ आत्मीय
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Read Moreअगस्त का महीना आते ही लगता है, मानो आकाश ने अपने नील आँचल पर मेघों की श्यामल कढ़ाई कर ली
Read Moreवैश्विक स्तरपर आज हर देश पर्यावरण समस्याओं का सामना कर रहा है जिसका समाधान खोजने उसपर अमल करने के लिए
Read Moreधरती पर जीवन की कल्पना पेड़ों के बिना नहीं की जा सकती। यदि प्रकृति ने मनुष्य को सबसे अनमोल उपहार
Read Moreसावन सिर्फ बारिश का मौसम नहीं है, बल्कि जीवन के सभी रूपों का उत्सव है। भारत मानसून के आगमन के
Read Moreप्रकृति के इन मूक रक्षकों, आदि-काल से अडिग खड़े विराट महाशिखरों और अपनी अनंत हरी छांव में सदियों से एक
Read Moreभारत का जल संकट नदियों में घटते प्रवाह से अधिक, हमारी नीतियों में घटती दूरदृष्टि का संकट है। विडंबना यह
Read Moreजब भी जलवायु परिवर्तन या ग्लोबल वार्मिंग की चर्चा होती है, तो हमारा ध्यान कार्बन डाइऑक्साइड, ग्रीनहाउस गैसों, पिघलते ग्लेशियरों
Read Moreजब जंगल अपनी खामोशी खोने लगें, तो समझना चाहिए कि प्रकृति और विकास का संतुलन बिगड़ चुका है। भारत आज
Read Moreसोने का भाव जितनी ऊंचाई छू रहा है, धरती उतनी ही गहराई में धंस रही है। वित्तीय बाजार इसे सुरक्षित
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