सीबीएसई का डिजिटल प्रयोग बना छात्रों की सबसे बड़ी परीक्षा
जब सुधार के नाम पर व्यवस्था ही संकट बन जाए, तब शिक्षा तंत्र पर सवाल उठना स्वाभाविक है। सीबीएसई ने
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Read Moreजब 1826 में पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने कलकत्ता से ‘उदंत मार्तंड’ का प्रकाशन किया, तो यह सिर्फ एक अखबार
Read Moreकिसी भी लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति उसकी संसद, न्यायपालिका या चुनाव प्रणाली भर से निर्धारित नहीं होती, बल्कि इस बात
Read Moreविद्यालयों में अध्यापकों के मोबाइल फ़ोन उपयोग को लेकर एक बार फिर बहस तेज़ हो गई है। कहीं नए आदेश
Read Moreकिसी भी सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने कमजोर, वंचित और विशेष आवश्यकता वाले
Read Moreभारत इस समय भीषण गर्मी के दौर से गुजर रहा है। हर वर्ष तापमान नए रिकॉर्ड बना रहा है। मौसम
Read Moreभारत जैसे विकासशील देश में शिक्षा को हमेशा राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा माध्यम माना गया है। हम अक्सर यह
Read Moreपरीक्षा परिणाम आते ही आजकल विद्यालयों के बाहर एक अजीब सी होड़ दिखाई देने लगती है। कहीं बड़े-बड़े होर्डिंग लगे
Read Moreकिसी भी राष्ट्र की दिशा उसकी शिक्षा तय करती है। इसी सोच से सीबीएसई ने 1 जुलाई 2026 से कक्षा
Read More“अंकों की इस दौड़ में, बचपन हुआ उदास।कंधों पर उम्मीद का, भारी पड़ा लिबास॥” भारत जैसे विकासशील देश में शिक्षा
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