Monthly Archives: May 2016

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    तनहाईयों में मैं रोता हूँ याद करके तुम्हें अश्कों से तकिए भिगोता हूँ याद करके तुम्हें बर्दाश्त होती नहीं आज की हकीकतें जब पुरानी यादों में खोता हूँ याद करके तुम्हें मुझे खबर है कि तुम...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    गुज़र जाएगी यह शब हौसला रख सुबह के वासते दर को खुला रख सज़ा दे-दे या खुद को माफ़ करदे अंधेरे में न तू यूँ फैसला रख वो मुंसिफ़ कुछ नहीं सुनता किसी की न उसके...

  • संस्मरण

    संस्मरण

    यूँ तो बात बहुत पुरानी है पर है पते की। 1970 के दशक का दौर था मेरे अनुज की शादी में राजदूत मोटर सायकल दहेज़ में मिलने वाली थी। उस वक्त सपने में सायकल ही बड़ी...


  • “शोकहर छंद”

    “शोकहर छंद”

    आज मजदूर दिवस पर सभी मजदूर भाई बहन को सादर प्रणाम, एवं हार्दिक बधाई मजदूरों की मज़बूरी को, समझो भी अब दाता जी देखों बच्चे झुलस रहे हैं, उनके तुमहि विधाता जी।। कुछ तो सोचो बिगड़...

  • श्रमिक दिवस

    श्रमिक दिवस

    1 मई यानी श्रमिक दिवस पर विशेष अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस को अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस और मई दिवस के नाम से भी जाना जाता है, जो अंतरराष्ट्रीय श्रमिक संघ को प्रचारित और बढ़ावा देने के लिये अंतरराष्ट्रीय...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    क्या लेना है नाम कमाकर अच्छे हैं गुमनाम मियाँ नाम कमाने के चक्कर में हुए व्यर्थ बदनाम मियाँ कहाँ मुरादें मिलती हैं हरइक को दुनिया में आकर अक्सर जाने वालों को जाते देखा नाकाम मियाँ ताक...