कविता बाल कविता

नूतन वर्ष का अभिनंदन

नूतन वर्ष हो मंगलदाता,
नूतन वर्ष हो शुभफलदाता,
नया वर्ष हो सुख का साधन,
नया वर्ष हो हर दुख-भाजन.

 

आज दुःखों के बंधन तोड़ें,
और सुखों से नाता जोड़ें,
खुद भी हंसें औरों को हंसाएं,
आज न होंगे पथ में रोड़े.

 

आज नया संकल्प करें हम,
साथ चलेंगे हम सब मिलकर,
एक साथ हम कदम बढ़ाएं,
करें सामना तम का डटकर.

 

दीन-दुखी की सेवा करके,
नए साल का स्वागत कर लें,
जो हैं निर्बल, हम मेहनत से,
उनका दृढ़ संबल हम बन लें.

 

ध्येय हमारा ऊंचा होगा,
साधन भी शुभ सुंदर होंगे,
सादा जीवन भले हो अपना,
काम हमारे उज्ज्वल होंगे.

 

पिछली त्रुटियां फिर न करेंगे,
कमियों को हम दूर करेंगे,
नूतन वर्ष का अभिनंदन हम,
हंसके करेंगे, हंसते रहेंगे.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

2 thoughts on “नूतन वर्ष का अभिनंदन

  1. आदरणीय बहनजी ! नववर्ष का आगाज होनेवाला है । इस अवसर पर लिखी आपकी रचना अति सुंदर व प्रेरक है । सुंदर व सटीक रचना के लिए आपका धन्यवाद !

  2. हम भी चल पड़े हैं नई भोर की ओर. नई उमंगों-तरंगों-अपेक्षाओं-आकांक्षाओं के साथ नई भोर, नए सप्ताह, नए महीने, नए वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं.

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