Monthly Archives: January 2018

  • “गज़ल”

    “गज़ल”

    प्यार तुमसे जताती रही रात भर जाग सपने सजाती रही रात भर तुम न आए बहुत बेसहुर से लगे मौन महफिल नचाती रही रात भर॥ बेरहम थी शमा आग बढ़ती गई लौ जली को बुझाती रही...

  • “यादों के झरोखों से”

    “यादों के झरोखों से”

    “यादों के झरोखों से” समय आकर निकल जाता है और हम नए कलेवर में प्रतिदिन न जाने कितने रंगों मे खुद को रंगा हुआ पाते हैं, किसने रंगा, कब रंगा और क्यों रंगा यह तो तब...

  • ” चौपाई, श्रृंगार रस”

    ” चौपाई, श्रृंगार रस”

    मुरली हाथ गले मह माला, पितांबर सोहे गोपाला मोर पंख मुकुट नंदलाला, चैन चुरा जाए बृजबाला।।-1 मातु यशोमति भवन अटारी, हर्षित हृदय सुखी महतारी गोकुल की सब गैया न्यारी, ग्वाल बाल सब हुए सुखारी।।-2 लखि राधे...

  • ज़िंदगी

    ज़िंदगी

    एक हसीन तोहफा है जिंदगी। फूल बनकर मुस्कुराना, मुस्कुरा कर गम भुलाना है जिंदगी। माँ का प्यार, यारो की यारी है जिंदगी। हार को जीत मे बदलना या नामुमकिन को मुमकिन मे बदलना है जिंदगी। एक...

  • नव वर्ष का भोर

    नव वर्ष का भोर

    नव वर्ष का भोर आया है नये खग- कल गान लाया है धरा पे मधुर मकरन्द छाया है पुष्पित फूलों ने एक हार बनाया है। नव वर्ष का – – – – – – – –...

  • नववर्ष पर दोहे

    नववर्ष पर दोहे

    दो हजार सत्रह  चला, छोड सभी का साथ ! हमें थमा कर हाथ में, नये साल का हाथ !! आने को मुस्तैद है , नया नवेला वर्ष ! दिल में सबके प्यार का, दिखे उमड़ता हर्ष...

  • नूतन वर्ष का अभिनंदन

    नूतन वर्ष का अभिनंदन

    नूतन वर्ष हो मंगलदाता, नूतन वर्ष हो शुभफलदाता, नया वर्ष हो सुख का साधन, नया वर्ष हो हर दुख-भाजन.   आज दुःखों के बंधन तोड़ें, और सुखों से नाता जोड़ें, खुद भी हंसें औरों को हंसाएं,...