ब्यूटी क्वीन

अभी-अभी ब्यूटी क्वीन के परिणाम की उद्घोषणा हुई थी-
”मिसेज इंडिया कर्नाटक 2018 के खिताब की विजेता हैं 31 वर्षीय सोनिया सिंह.”

सोनिया के लिए तालियों की गड़गड़ाहट के साथ पूरा सभागार गूंज उठा. उसे ताज पहनाया गया और फूलों के खूबसूरत गुलदस्ते के साथ अनेक पुरस्कारों से भी नवाजा गया. चारों ओर से बधाइयों का तांता लग गया. उसके बाद सोनिया घर आकर हाई हील्स पहनकर चलने से पैरों में आई सूजन को सहलाते-दवा लगाते हुए स्मृतियों के सरोवर में लीन-सी हो गई.

बचपन से ही ब्यूटी क्वीन बनना उसका सपना था, लेकिन जरूरी नहीं कि सभी सपने जल्दी और आसानी से पूरे हों. उसके साथ भी ऐसा ही हुआ था. पढ़ाई, फिर नौकरी, शादी, गर्भधारण, बच्ची- इसी में ही 26 साल निकल गए.

ब्यूटी क्वीन तो वह जन्मजात थी, इसलिए सोनिया पहले एक एयरहोस्टेस थी. पांच साल पहले एक दिन सोनिया को सिर और कंधों में तेज होने लगा. इसके बाद भोजन निगलने में भी दिक्कत आने लगी. दर्द लगातार न होकर बीच-बीच में होता रहता था. सोनिया उस वक्त तीन महीने की बच्ची की मां भी थीं. जांच में सामने आया कि उन्हें दिमाग में मेडॉलरी सिस्टिक ट्यूमर है. जानलेवा बीमारी का खुलासा होना अपने आप में एक गंभीर चुनौती था, लेकिन सोनिया ने अपने हौसलों को पस्त नहीं होने दिया. अपने जज्बे के दम पर कर्नाटक उसने ब्यूटी क्वीन का खिताब हासिल किया. आज भी वह प्यारी-सी पांच वर्षीय बेटी की मां के साथ-साथ मोटिवेशनल स्पीकर और आन्त्रेप्रिन्योर भी हैं.

उसका हौसला और जज्बा ही उसकी जानलेवा बीमारी की दवा बन गया था.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।