मुक्तक/दोहा

इश्क़ जलजला है…

सदियों से चला ये सिलसिला है
कहते हैं  इश्क इक जलजला है
खूब जला और खूब जलाया भी
कौन क्या कब साथ लेकर चला है ।
— मनोज शाह ‘मानस’

परिचय - मनोज शाह 'मानस'

सुदर्शन पार्क , मोती नगर , नई दिल्ली-110015 मो. नं.- +91 7982510985

Leave a Reply